(1) जहाँ इस अधिनियम के तहत किसी मूल प्राधिकारी द्वारा पारित किसी आदेश के खिलाफ अपील की गई है या संशोधन के लिए आवेदन किया गया है, वहाँ अपील या संशोधन के लिए आवेदन मूल प्राधिकारी द्वारा पारित आदेश पर रोक नहीं लगाएगा और ऐसा आदेश अपील या संशोधन के लिए आवेदन के निपटारे तक लागू रहेगा, जैसा भी मामला हो, जब तक कि निर्धारित अपीलीय प्राधिकारी या संशोधन प्राधिकारी अन्यथा निर्देश न दे।
(2) उप-धारा (1) में निहित किसी बात के होते हुए भी, यदि किसी व्यक्ति द्वारा परमिट के नवीनीकरण के लिए किए गए आवेदन को मूल प्राधिकारी द्वारा अस्वीकार कर दिया गया है और ऐसे व्यक्ति ने ऐसी अस्वीकृति के खिलाफ इस अधिनियम के तहत अपील की है या संशोधन के लिए आवेदन किया है, तो अपीलीय प्राधिकारी या, जैसा भी मामला हो, संशोधन प्राधिकारी आदेश द्वारा निर्देश दे सकता है कि परमिट, उसमें निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के बावजूद, अपील या संशोधन आवेदन के निपटारे तक वैध रहेगा।
(3) इस अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी द्वारा दिया गया कोई भी आदेश कार्यवाही में किसी त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण अपील या संशोधन पर उलटा या बदला नहीं जाएगा, जब तक कि निर्धारित अपीलीय प्राधिकारी या संशोधन प्राधिकारी को, जैसा भी मामला हो, यह प्रतीत न हो कि ऐसी त्रुटि, चूक या अनियमितता के कारण वास्तव में न्याय विफल हुआ है।